बशीरहाट, 26 मार्च 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बशीरहाट उत्तर विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान बूथ से सभी मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटा दिए जाने पर भारी बवाल मच गया है। बूथ नंबर 5 से कुल 340 मुस्लिम वोटरों के नाम चुनाव आयोग की पहली पूरक मतदाता सूची से गायब हो गए।
क्या है पूरा मामला?
बोरों गोबरा गांव के इस बूथ पर कुल 992 रजिस्टर्ड वोटर थे, जिनमें से 340 नाम (लगभग 34%) हटा दिए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि हटाए गए सभी नाम मुस्लिम समुदाय के हैं। यहां तक कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मोहम्मद शफिउल आलम का नाम भी लिस्ट से गायब हो गया। प्रभावित मतदाताओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने पर्याप्त दस्तावेज जमा किए थे, फिर भी उनके नाम काटे गए।
विरोध प्रदर्शन तेज
100 से अधिक प्रभावित लोगों ने BLO के घर के बाहर और सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह समुदाय-विशेष के खिलाफ टारगेटेड कार्रवाई है। स्थानीय नेता इसे चुनावी साजिश बता रहे हैं।
चुनाव आयोग का पक्ष
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ये नाम ‘अंडर एडजुडिकेशन’ श्रेणी में थे और दस्तावेज सत्यापन में कमी पाई गई। राज्य में कुल 12 लाख नाम पहली पूरक सूची से हटाए गए हैं, जो 32 लाख संदिग्ध नामों की जांच का हिस्सा हैं। अपील के लिए ट्रिब्यूनल भी बनाए गए हैं।
राजनीतिक रंग
TMC और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। ममता बनर्जी समर्थक इसे BJP की साजिश बता रहे हैं, जबकि विपक्ष चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा उठा रहा है। चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे।

