तेहरान, 26 मार्च 2026: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान ने भारत, रूस, चीन, तुर्की और ब्राजील समेत 5 देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित पारित करने की इजाजत दे दी है। अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने स्ट्रेट सील करने की धमकी दी थी, लेकिन अब BRICS सहयोगी देशों को छूट मिली है।
क्या है पूरा मामला?
ईरान ने कहा कि यह कदम वैश्विक व्यापार को बनाए रखने के लिए है। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का 20% तेल और 30% LNG गुजरता है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये 5 देश “रणनीतिक साझेदार” हैं, इसलिए उनके कमर्शियल जहाजों को विशेष छूट दी गई। भारत के लिए यह बड़ी राहत है क्योंकि 80% आयातित कच्चा तेल इसी रास्ते आता है।
भारत पर असर
भारतीय रिफाइनरियों को रूस से सस्ता तेल मिलना जारी रहेगा। ONGC, Reliance और Nayara जैसी कंपनियों के जहाज अब बिना रुकावट गुजर सकेंगे। रक्षा मंत्री ने इसे “कूटनीतिक जीत” बताया। पिछले हफ्ते नयारा ने ही पेट्रोल-डीजल महंगे किए थे।
वैश्विक प्रतिक्रिया
अमेरिका ने इसे “चालाकी” कहा, जबकि रूस ने ईरान का समर्थन किया। चीन ने चुप्पी साधी। बाजारों में क्रूड ₹6500 प्रति बैरल पर स्थिर हुआ। ईरान ने चेतावनी दी कि बाकी देशों के जहाजों को इजाजत नहीं मिलेगी।

