ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों ने इजरायल के आयरन डोम सिस्टम को चकमा देकर दो प्रमुख शहरों में भारी तबाही मचाई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बदले की कसम खाते हुए सख्त कार्रवाई का ऐलान किया।
आयरन डोम की विफलता
आयरन डोम, जो छोटी दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए जाना जाता है, ईरान की फतह-1 और फतह-2 जैसी हाइपरसोनिक मिसाइलों के आगे बेबस साबित हुआ। इन मिसाइलों की तेज रफ्तार और मैन्युवरिबिलिटी ने इंटरसेप्टर को चकमा दिया, जिससे 30 से ज्यादा जगहों पर हमले हुए।
इजरायली जनरल ने माना कि कोई सिस्टम 100% सटीक नहीं, लेकिन एरो-3 ने 90% सफलता दिखाई।
तबाही का दौर
तेल अवीव और अन्य शहरों में मिसाइलें गिरीं, सड़कों पर गड्ढे बने और इमारतें खंडहर। 24 लोग मारे गए, 592 घायल हुए, जिसमें एक की हालत गंभीर है।
हिजबुल्लाह के सहयोग से क्लस्टर बॉम्ब ने नुकसान बढ़ाया, नेतन्याहू सरकार पर सवाल उठे।
नेतन्याहू का बदला वादा
नेतन्याहू ने हमलों को दुश्मनों का पंगुकरण नाकाम बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। इंटरसेप्टर स्टॉक खत्म होने की आशंका से अमेरिका से मदद मांगी गई।
यह घटना मिडिल ईस्ट तनाव को नई ऊंचाई दे रही है।

