नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव के बाद अब चीन को निशाने पर लिया है। एक अमेरिकी रिपोर्ट के खुलासे से पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ ठोकने की तैयारी में है, और चीन सबसे ऊपर है। पश्चिम एशिया युद्ध के बीच यह नया हमला वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला सकता है।
रिपोर्ट का धमाका क्या कहती है?
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ईरान को 90% तेल खरीद रहा है और सैन्य तकनीक, चिपमेकिंग उपकरण भी मुहैया करा रहा है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर चेतावनी दी, “ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर तुरंत 25% टैरिफ लगेगा।” व्हाइट हाउस स्पोक्सपर्सन कैरोलिन लीविट ने कहा, “सैन्य विकल्प भी खुले हैं।” यह कदम ईरान पर दबाव बनाने के लिए है, लेकिन चीन को सीधा निशाना बनेगा।
ट्रंप की रणनीति: ईरान-चीन को एक साथ घेरना
ट्रंप का कहना है कि ईरान युद्ध का अंतिम चरण है, और 4-6 हफ्तों में खत्म करना है। इससे पहले मई में चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग से शिखर बैठक होनी है। ईरान संकट से अमेरिकी सेना व्यस्त है, लेकिन ट्रंप चीन को तेल सप्लाई रोककर घेर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे चीनी अर्थव्यवस्था पर 70% तक टैरिफ का बोझ पड़ेगा।
चीन की चालबाजी उजागर
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि चीन ईरान को ‘डार्क फ्लीट’ जहाजों से तेल पहुंचा रहा है। अमेरिका ने ईरान तेल पर छूट दी थी, लेकिन चीन ने रास्ता नहीं बदला। यूएस ऑफिशियल्स ने कहा, “चीन का टॉप चिपमेकर ईरान आर्मी को तकनीक दे रहा।” इससे ट्रंप का गुस्सा भड़क गया।
वैश्विक बाजार में भूचाल
तेल कीमतें 7% चढ़ गईं। भारत जैसे देश, जो 80% तेल आयात करते हैं, चिंतित। चीन-अमेरिका व्यापार युद्ध फिर शुरू हो सकता है। ट्रंप ने कनाडा को भी चेताया – चीन से डील की तो 100% टैरिफ।
भारत का क्या रोल?
भारत ने तटस्थ रुख अपनाया। ईरान से तेल लेना जारी, लेकिन ट्रंप के दबाव में फंस सकता है। PM मोदी ने कहा, “एकजुट रहें।”
ट्रंप का यह ‘डबल अटैक’ दुनिया को नई भू-राजनीतिक जंग में धकेल सकता है। चीन की प्रतिक्रिया का इंतजार!

