नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट के बीच सोशल मीडिया पर लॉकडाउन की अफवाहों ने आमजन में डर फैला दिया था। लेकिन भारत सरकार ने गुरुवार को इन्हें सिरे से खारिज कर दिया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट कहा, “लॉकडाउन लगने की खबरें पूरी तरह झूठी हैं। सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं।” आज शाम PM नरेंद्र मोदी सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे।
पीएम मोदी के बयान से शुरू हुई अफवाहें
सोमवार को लोकसभा में PM मोदी ने पश्चिम एशिया युद्ध के लंबे प्रभावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इस संकट का असर लंबे समय तक रहेगा। हमें कोरोना की तरह ही धैर्य और एकजुटता से सामना करना होगा।” भाषण में लॉकडाउन शब्द का जिक्र नहीं था, फिर भी सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। 2020 में 24 मार्च को PM ने पहला लॉकडाउन घोषित किया था, उसी तारीख के आसपास अफवाहें तेज हो गईं।
ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला
पश्चिम बंगाल CM ममता बनर्जी ने गैस सिलेंडर बुकिंग नियमों और ईंधन कीमतों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “गैस बुकिंग का अंतराल 25 दिन कर दिया, सिलेंडर खत्म तो लोग क्या करेंगे? मोदी सरकार पर भरोसा नहीं। लॉकडाउन या अलर्ट की चर्चा सुन रही हूं, लेकिन हम कोविड लड़ चुके हैं, फिर लड़ लेंगे।”
PM मोदी की अहम बैठक आज
शुक्रवार शाम 6:30 बजे PM मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से CMs के साथ पश्चिम एशिया संघर्ष की समीक्षा करेंगे। 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के ईरान हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। चुनावी राज्यों को छोड़कर सभी CMs शामिल होंगे। फोकस: तेल सप्लाई, आर्थिक प्रभाव और ‘टीम इंडिया’ समन्वय।
सरकार की तैयारी क्या?
- कोई पाबंदी या लॉकडाउन नहीं।
- आर्थिक गतिविधियां सामान्य।
- ईंधन, गैस सप्लाई पर नजर।
- राज्यों से तैयारियां साझा करने को कहा।
पश्चिम एशिया संकट का भारत पर असर
ईरान-इजरायल तनाव से तेल कीमतें 7% ऊपर, होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट। भारत 80% तेल आयात करता है, इसलिए मुद्रास्फीति और उर्वरक महंगे हो सकते हैं। 1 करोड़ भारतीय वहां फंसे हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी – घबराएं नहीं, सतर्क रहें।
जनता को सरकार का संदेश
सरकार ने अपील की – अफवाहों पर ध्यान न दें। PM की बैठक के बाद नई गाइडलाइंस आ सकती हैं। कोरोना की तरह एकजुट रहें, लेकिन लॉकडाउन का डर छोड़ें।

